आचरणसे यश प्राप्ती और वाचासे सर्वनाश
आजसे (दि. १ अक्तुबर २०१६) नवरात्री का हुआ है. हिंदू काल गणनानुसार वर्ष के १२ मास में चैत्र और अश्विन मास में माँ शक्ति की उपासना का पर्व हिंदू जनजाती में मनाया जाता है. हिंदू देविदेवताओंकी रचना हमारे समाज जिवनसे प्रभावित है. हिंदू जनजाती कुटुंबवत्सल है. पती, पत्नी और पुत्रादी से परिवार पूर्ण स्वरुप होता है. सामाजिक व्यवस्थाकी यह रचना हमारे देवादिकोके प्रतिको में हम अनुभवित करते है. देवादिक के पूजन का अर्थ अंधश्रध्दा नही, परंतु मानव जाती के भीतर कार्य और वर्तन से दर्शाए शौर्य, ममत्व, विश्वास और आस्था की प्रचिती है. माँ शक्ति का पूजन यह मानव जातीके शौर्य और गुणोंका पूजन है.









